Category archives for: Humour

When Sydney laughed its head off with Guptaji

By Manju Mittal Appurv Gupta an IT professional and the Indian stand-up comedian by passion, came to Sydney with his gifted talent to perform live for the Sydneysiders on February 9, 2019 at Carlingford Community Centre. Appurv Gupta is considered as one of the best comedians in India. Owner of JRPM Events Rachit Dhingra and […]

छोटे छोटे शुक्रिये

संतराम बजाज कुछ दिनों की बात है, मैं कुछ दुखी मन से बड़ी बोरियत महसूस कर रहा था| हुआ यूं कि कालिज के एक सहपाठी से अचानक मुलाक़ात हो गई|वह बहुत ‘बड़ा’ आदमी बन गया था, अर्थात बहुत पैसा कमा रहा था| पड़े तपाक से मिला, वही पुरानी कालिज की बातें, जवानी के किस्से -बातें […]

Go on, be a Valentine

By Shreena Hronsky In how many movies have we seen heroes running up to their mehboobs with roses in their hands to celebrate Valentine’s Day ? Come to think of it, exactly how is romance portrayed on the big screen ? Does art imitate life when it comes to romance ? Or what we see […]

Crawling down the path to electric vehicles

By Melvin Durai When it comes to adopting new technology, I’m not what you’d call a “trendsetter.” I’m more like a “trend wetter.” I splash water on the trend, try to make it go away. Unlike some people, I don’t stand in line for hours to buy the latest gadget at an exorbitant price. I […]

यादों का खून

संतराम बजाज मुद्दत से दिल में एक अरमान लिए फिरता था कि अपने जन्मस्थान को देखने जाऊंगा | मुश्किल यह थी कि वह पाकिस्तान में है| १९४७ में जब देश का विभाजन हुआ तो वहां से जान बचा कर निकलना पड़ा| वर्षों बीत गए पर वहां की गलियाँ, वहां के घर, वहां के खेतऔर वहां […]

Good parenting means teaching important lessons

By Melvin Durai I’ve been a parent for more than 16 years and let me tell you, it isn’t easy. Every stage of a child’s life unleashes new challenges on a parent. When I hear that a group of kids has committed a misdeed of some sort, I’m not quick to blame poor parenting. I […]

चाहे पड़ें झुर्रियां  ….  

संत राम बजाज “अरे आप बड़े कमज़ोर हो गये हैं|” चौधरी साहिब ने आते ही कहा| “आप भी तो बड़ी मोरनी की मस्तानी चाल चल रहे हैं”, हम ने हँसते हुए जवाब दिया| “भई बुढ़ापे की निशानियाँ हैं, देखिये न आप के चेहरे पे अब झुर्रियां साफ़ दिख रहीं हैं|” “अरे, आईये तो सही. किसी […]

The Bitter Sweet ‘Laddu’ enthrals Sydneysiders

By Rekha Rajvanshi Once again, Vipul Vyas, a veteran director, producer and actor has made a mark by producing his new play, for the charity ‘Ekal Vidyalaya Foundation, Australia (EVF).’ A well-scripted, directed and acted play ‘Shaadi ka Laddu aur Laddu ki Shaadi’ was staged on Saturday, July 28 at NIDA (National Institute of Dramatic […]

हकीम राधे श्याम …

  संतराम बजाज हकीम राधे श्याम की दूकान हमारी गली की नुक्कड़ पर थी| दूकान के बाहर एक टूटा हुआ बैंच हमेशा पड़ा रहता था, जिस पर रोगी लोग बैठ कर खांसते रहते थे|साथ में एक चारपाई भी थी, जिस पर कभी २ कोई मरीज़ लेटा होता था अन्यथा उस पर समाचार पत्र पढने वाले […]

हाय रे ये मजबूरियाँ …

  संतराम बजाज   अब मजबूरी तो मजबूरी है, अर्थात जो बात आप के वश में नहीं है या आप पर थोपी जा रही और आप को करनी पड़ती है अपनी इच्छा के विरुद्ध| जैसे दफ्तरों में बाबू लोग रिश्वत देने पर ही आप का काम करे, या बाज़ारों में  सडक पर सामान बेचने के लिय […]

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