Category archives for: Hindi

छोटे छोटे शुक्रिये

संतराम बजाज कुछ दिनों की बात है, मैं कुछ दुखी मन से बड़ी बोरियत महसूस कर रहा था| हुआ यूं कि कालिज के एक सहपाठी से अचानक मुलाक़ात हो गई|वह बहुत ‘बड़ा’ आदमी बन गया था, अर्थात बहुत पैसा कमा रहा था| पड़े तपाक से मिला, वही पुरानी कालिज की बातें, जवानी के किस्से -बातें […]

यादों का खून

संतराम बजाज मुद्दत से दिल में एक अरमान लिए फिरता था कि अपने जन्मस्थान को देखने जाऊंगा | मुश्किल यह थी कि वह पाकिस्तान में है| १९४७ में जब देश का विभाजन हुआ तो वहां से जान बचा कर निकलना पड़ा| वर्षों बीत गए पर वहां की गलियाँ, वहां के घर, वहां के खेतऔर वहां […]

चाहे पड़ें झुर्रियां  ….  

संत राम बजाज “अरे आप बड़े कमज़ोर हो गये हैं|” चौधरी साहिब ने आते ही कहा| “आप भी तो बड़ी मोरनी की मस्तानी चाल चल रहे हैं”, हम ने हँसते हुए जवाब दिया| “भई बुढ़ापे की निशानियाँ हैं, देखिये न आप के चेहरे पे अब झुर्रियां साफ़ दिख रहीं हैं|” “अरे, आईये तो सही. किसी […]

Darcy Rd Public School Wentworthville celebrates Hindi Divas

     By Neena Badhwar Darcy Road Public School in Wentworthville celebrated Hindi Divas on September 14. Whole school assembly had children, their parents and invited guests witness a colourful, informative and entertaining cultural program put together by Hindi teacher Kulwinder Kaur. Kulwinder worked on organising the event for the last few months while teaching her […]

Hindi Divas celebrated at The Indian Consulate along with ILASA

Hindi Divas at the Indian Consulate General of India was celebrated along with ILASA, Indian Literary and Art Society of Australia on September 15. The session started with Consul General Vanlal Vawna welcoming the guests, Dr. Ian Woolford and Dr. Peter Friedlander also credited Rekha Rajvanshi in organising the Hindi Divas. Darcy Rd Public School […]

हमारी ऐनक

संतराम बजाज हमारी ऐनक भी सब की तरह एक आम ऐनक है| वही दो शीशे, एक फ्रेम जो नाक पर टिकता है |आँखों की कमजोरी दूर करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर लगाई है| वाकई साफ़ दिखता है इसलिए बराबर पहने रखते हैं| शुरू शुरू में तो कुछ अजीब सा लगा, जमीन ऊंची नीची […]

हकीम राधे श्याम …

  संतराम बजाज हकीम राधे श्याम की दूकान हमारी गली की नुक्कड़ पर थी| दूकान के बाहर एक टूटा हुआ बैंच हमेशा पड़ा रहता था, जिस पर रोगी लोग बैठ कर खांसते रहते थे|साथ में एक चारपाई भी थी, जिस पर कभी २ कोई मरीज़ लेटा होता था अन्यथा उस पर समाचार पत्र पढने वाले […]

Dr. Dinesh Srivastava – The Revered Warrior

A Homage By Arvind Shrivastava OAM A Beautiful Life to Reminisce (4 June 1942 to 12 June 2018) The most precious element in our lives can be associated with the Tic Toc, sound of the clock.  The time as it registers the next second leading to minutes, hours and days, is taking us nearer to […]

हाय रे ये मजबूरियाँ …

  संतराम बजाज   अब मजबूरी तो मजबूरी है, अर्थात जो बात आप के वश में नहीं है या आप पर थोपी जा रही और आप को करनी पड़ती है अपनी इच्छा के विरुद्ध| जैसे दफ्तरों में बाबू लोग रिश्वत देने पर ही आप का काम करे, या बाज़ारों में  सडक पर सामान बेचने के लिय […]

फिर वही दिल ….

संत राम बजाज          कुछ समय पहले मैं ने दिल पर एक लेख –‘दिल ही तो है’ लिखा था जिसे पढ़ने के बाद एक भाई ने कहा कि मैं ने अपने लेख में ‘दिल वाले दुलहनिया ले जायेंगे’ की तो कोई बात ही नहीं की और न ही ‘हीर रांझा’ और ‘लैला मजनू’ का कोई […]

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