
एक मनोवैज्ञानिक कहानी … संत राम बजाज ”अजी सुनते हो, मानक की मामी किसी के साथ भाग गई”, मिसेज़ सेठी बड़े ऊंचे और उतावले स्वर में अपने पति को ही नहीं शायद हर उस को जो भी उन के घर की रेंज में था, यह खबर सुना रही थी। मिसेज़ सेठी गली के कार्नर [...]
Aug 14 2011 | Posted in
Hindi |
Read More »

संतराम बजाज मुझे कुत्तों से सख्त़ नफ़रत है | इस से पहले कि आप ईंट पत्थर उठा कर मुझे मारने को दौड़ें, मेरी पूरी बात तो सुन लीजिए…. मेरा एक पड़ोसी है जिस के पास एक कुत्ता है जो भौंकता है | आप कहेंगे “यह कौन सी ब्रेकिंग न्यूज़ सुना दी मैं ने [...]
Jul 15 2011 | Posted in
Hindi,
Humour |
Read More »

संत राम बजाज लोगों में आजकल क्रिकेट का शौक़ जनून की हद तक पहुंच चुका है। एक समय था जब भारत में हॉकी नम्बर वन पर थी प्रंतु अब यह एक ‘निर्धन रिश्तेदार’ के स्थान पर पहुंच गई है। पहले तो केवल ५ दिन वाले ‘टैस्ट मैच’ ही होते थे, फिर ५०-५० ओवर वाले ‘वन [...]
May 10 2011 | Posted in
Hindi,
Humour |
Read More »

संत राम बजाज स्थान : बैकुंठ लोक उपस्थित : विष्णु भगवान,देवी लक्ष्मी, ब्रह्मा जी और महाऋषि नारद समस्या : गम्भीर … विष्णु भगवान परेशान हैं। महाऋषि नारद पृथ्वी लोक से अभी अभी आये हैं और समाचार अच्छे नहीं हैं। पृथ्वी के लोगों ने नारद जी को अपना प्रतिनिधि बना कर भेजा है ताकि वे भगवान [...]
Mar 2 2011 | Posted in
Hindi,
Humour |
Read More »
बगदाद का बादशाह बेहद उदार व दयालु था। वह निर्धनों की सहायता में हर समय लगा रहता था। बगदाद से थोड़ी दूर एक गांव में एक गरीब परिवार रहता था। वह किसी तरह रूखा-सूखा खाकर अपना गुजारा करता था। एक दिन पत्नी ने पति से कहा, ‘तुम देख रहे हो कि हमारे पास खाने के [...]
Jan 9 2011 | Posted in
Hindi |
Read More »

- संत राम बजाज कुछ समय से आंखों को ले कर अजीब सी परेशानी चल रही थी | श्रीमती जी से बिना मतलब की तू तू मैं मैं हो रही थी | ” यह कौन सा वाशिंग पाउडर यूज़ कर रही हैं, कमीज़ें सब पीली पीली दिखाई पड़ रही हैं”| ”देखूं, अच्छी भली तो है, दूध की [...]
Jan 9 2011 | Posted in
Hindi,
Humour |
Read More »

Manmeet Kahlon (2nd from left) won City of Casey 2010 Australia Day Study Tour Award where the chosen students are given the opportunity to observe Federal, State and Local Governments in Australia. – रेखा राजवंशी छब्बीस जनवरी को जहां भारत में रिपब्लिक डे गणतंत्र दिवस की धूमधाम रहती है और महीनों पहले से ही तैयारियां [...]

संतराम बजाज आज फिर मुझे झूठ बोलना पड़ा, अर्थात मुझे सच्चाई के मार्ग को छोड़ना पड़ा । हुआ यूँ कि मेरे हाथ से श्रीमती जी का फेवरिट संगे-मरमर का एक ‘स्टैचू’ गिर कर टूट गया। ”कया टूटा?” श्रीमती जी की गरजदार आवाज़ आई? ”कुछ नहीं, क्रीम की जार गिरी थी, बच गई ” शुक्र कि [...]
Nov 28 2010 | Posted in
Hindi,
Humour |
Read More »
एक युवा सैनिक ने धर्मशास्त्रों का अध्ययन किया था। वह जानना चाहता था कि स्वर्ग और नरक में क्या अंतर है? उसने एक संत से पूछा, ‘बताएं कि क्या स्वर्ग और नरक वास्तव में होते हैं या ये सिर्फ कल्पना हैं?’ संत ने उसे अच्छी तरह देखा और पूछा, ‘युवक, तुम्हारा पेशा क्या है?’ सैनिक [...]
Nov 26 2010 | Posted in
Hindi |
Read More »
हिन्दी हमारी राष्ट्रीय भाषा इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया में हिंदी दिवस पर हमारी राष्ट्र भाषा हिंदी की धूमधाम रही। ऑस्ट्रेलिया के विभेन्न शहरों में तरह-तरह के उत्सवों का आयोजन किया गया, जिसमें हिन्दी प्रेमियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। हिन्दी आज विश्व की सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषाओं में दूसरे स्थान पर है, विश्व में [...]
Nov 21 2010 | Posted in
Hindi |
Read More »